वाम दलों की राजनितिक जड़ता

जहानाबाद, बिहार की परिवर्तनकामी राजनीती का प्रतिबिम्ब

Akshay Kumar

9789350027448

Aakar Books, New Delhi , 2022

Language: Hindi

172 pages

Price INR 495.00
Book Club Price INR 371.00
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LWB1357

यह पुस्तक वाम दलों की राजनितिक कार्यवाइयों के जमीनी अध्ययन का उत्पाद है! इसमें वर्णित कथन तथा उदाहरणों की सच्चाई के लिए इस कृति को सम्पूर्णता में देखना ज़रूरी है! यह पुस्तक राजनितिक जड़ता की पृष्ठभूमि की चर्चा करने का एक प्रयास करती है क्योंकि इसकी अनदेखी होने पर ये जड़ता धूमिल हो सकती है! वर्तमान में अधिकार और कर्तव्य की सूत्रवत राजनीती को आत्मसात करने से वाम राजनीती में मानवीय संवेदना और सामाजिक चेतना का शास्त्रीय मूल्य दब गया है, इसलिए पुस्तक में राजनितिक संकल्प के प्रति अचेतनीकरण की स्तिथि को स्पष्ट किया गया है! इसकी अवहेलना के कारन पूंजीवादी राजनीती के माध्यम से सम्वेदनाहरण की प्रक्रिया जारी है! फिर भी वाम राजनीती में सामाजिक तयारी सम्बन्धी समाजशास्त्रीय पहलु को राजनितिक मसला नहीं बनाया जा रहा है, जबकि अर्थशास्त्र के पूंजीवादी मूल्यों के आधार पर समाजशास्त्रीय मूल्यों के सीमांकन की क्रिया जारी है! 

वाम दाल आजकल विकल्प की राजनीती करने की जगह तर्कहीन समावेशी समझौता करने को मजबूर हो गए हैं, जिसके कारन व्यवस्था परिवर्तन सम्बन्धी संक्रमण की राजनीति के मूल्य आधारहीन हो गए हैं! यह वाम दलों की राजनितिक जड़ता का प्रतिफल है! 

 

Akshay Kumar

व्यवस्थागत तथ्यों की विवेचनात्मक समीक्षा से जुड़ा बौद्धिक कार्य पुस्तक के लेखक- अक्षय कुमार के जीवन अभ्यास का महत्वपूर्ण करक है! वे सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक बदलाव की राजनीति की जमीनी हकीकत में विश्वास रखते हैं! अपनी पुस्तकों में कहीं से ढूंढ़कर कुछ अनकही, नई बात कहना चाहता हैं! इनके लेखन से गुजरते हुए ऐसा लगता है जैसे सुपरिचित तथ्य पर आधारित प्रत्यक्ष ज्ञान का तर्कसंगत 'नया रास्ता' उजागर हो रहा है! इस पुस्तक के अतिक्ति शिक्षा की मुक्ति, शिक्षा और सामाजिक चेतना, लोकतंत्र का जनवादीकरण व राजनीति का विमुद्रीकरण जैसी आपकी अन्य कृतियां प्रकाशित हुई हैं!