संविधान की सिपाही

एक संस्मरण

Teesta Setalvad

Translated by Mayank Saksena

978-93-80118-61-1

वाम प्रकाशन, New Delhi, 2017

188 pages

Price INR 250.00
Book Club Price INR 175.00
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तीस्ता सेतलवाड़ कौन हैं?

हिंदुत्ववादी ताकतों के लिए वो देश के विकास में एक ख़तरनाक बढ़ा हैं। इस किताब में तीस्ता सेतलवाड़ की अपनी कहानी है। वो तीस्ता, जो भारत के स्वाधीनता संग्राम की सबसे प्रगतिशील परंपरा की वंशज हैं। वो तीस्ता, जो न्याय के लिए लगातार लड़ती आई हैं। बेहद हिम्मत और ताकत के साथ।

अपने संस्मरणों में तीस्ता बहुत सी बातें करती हैं : उन पर उनके दादा का प्रभाव; पत्रकारिता में पहला कदम; बाबरी मस्जिद ध्वंस के बाद 1992-93 में मुंबई में भड़की हिंसा; साथी जावेद के साथ उनका सह-कार्य; और गोधरा के बाद गुजरात में हुई हिंसा।

तीस्ता जितनी कर्मठ हैं उतनी बहादुर हैं, जितनी संवेदनशील उतनी प्रेरणादायक। उनकी ज़िन्दगी भारतीय संविधान के लिए प्रतिबद्धता की मिसाल है।

Mayank Saksena

Mayank Saksena (d. 2024) was a Mumbai-based poet, translator, and cultural activist.

Teesta Setalvad

Teesta Setalvad is a human rights activist and journalist. She is secretary of Citizens for Justice and Peace, an organization that has fought to get justice for the victims of the anti-Muslim pogrom in Gujarat in 2002. Along with fellow journalist and husband Javed Anand, she is co-founder and co-editor of Communalism Combat and the website Sabrang. LeftWord published her memoirs Footsoldier of the Constitution, in 2017.