दीवान-ए-ग़ालिब

9788126705276

Rajkamal Prakashan, New Delhi , 2021

Language: Hindi

432 pages

Price INR 399.00
Book Club Price INR 339.00
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LWB1287

ग़ालिब की महानता केवल इसमें नहीं है कि उसने अपने युग की आन्तरिक व्याकुलता को समेट लिया बल्कि इसमें कि उसने नई व्याकुलता पैदा की। उसकी शा'अिरी अपने युग के बन्धनों को तोड़ देती है और भूत और भविष्य के विस्तार में फैल जाती है। ग़ालिब ने अपने हर अनुभव को जो एक अत्यन्त मृदुल सौन्दर्यबोध रखनेवाले मस्तिष्क की प्रक्रिया थी, मानवी मनोविज्ञान की आग में तपाकर पिघलाया है, व्यापक नियम की कसौटियों पर कसा है और फिर काव्य के रूप में ढाला है। तब उसके यहाँ एक विश्व कवि का स्वर पैदा हुआ है और वह जीवन के हर क्षण का कवि बन गया है।

ALI SARDAR JAFRI

अग्रणी प्रगतिशील शायरों में शामिल आलोचक, बुद्धिजीवी और साहित्यिक पत्रिका ‘गुफ़्तुगू’ के संपादक/भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित/उर्दू शायरों पर टीवी सीरियलों के निर्माता.

“हमें आज भी कबीर की रहनुमाई की ज़रूरत है। उस रोशनी की ज़रूरत है जो उस संत के दिल में पैदा हुई थी। आज साईंस की बेपनाह तरक़्क़ी ने इंसान की सत्ता को बढ़ा दिया है। इंसान सितारों पर कमंद फेंक रहा है फिर भी तुच्छ है। वो रंगों में बंटा हुआ है, क़ौमों में विभाजित है। उसके दरमियान मज़हब की दीवार खड़ी है। उसके लिए एक नए यक़ीन, नए ईमान और एक नई मुहब्बत की ज़रूरत है।”
(सरदार जाफ़री)